hindi moral story|सच जाने बगैर किसी को मत परखो| short hindi moral story

सच जाने बगैर किसी को मत परखो| short hindi moral story|-

Best Moral story of 2020,new moral story in hindi

दोस्तों इस short hindi moral story के माध्यम से मैं आपको ये बताना चाहता हूँ कि कई लोग बिना किसी की परिस्थिति जाने उसके बारे में बुरा कहने लगते हैं।तो यह कहानी भी कुछ इसी बात पर आधारित है।
तो चलिए बढ़ते हैं कहानी की ओर-
एक 16 साल के लड़के के बेहद जरूरी ऑपरेशन के लिए एक डॉक्टर को जल्दी बुलाया गया।डॉक्टर तुरंत अस्पताल पहुँचे और ऑपरेशन रूम की तरफ जाने लगे।
ऑपरेशन रूम के पास लड़के के पिता खड़े थे और बहुत देर से डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे थे।जैसे ही उन्होंने डॉक्टर को देखा तो बे बोले-"आपने आने में इतनी देर क्यों कर दी।वहाँ मेरे बेटे की जान खतरे में है और आप अब आ रहे हैं।आप लोग इतने गैर-जिम्मेदार कैसे हो सकते हैं?"
"आप शांत हो जाइये श्री मान,आपका गुस्सा करना लाजमी है लेकिन मैं अस्पताल में नही था और जैसे ही मुझे आपके बेटे के ऑपरेशन के लिये फोन आया मैंने जल्द से जल्द अस्पताल पहुँचने की कोशिश की।कृपया आप शांत हो जाइए ताकि मैं आपके बेटे का ऑपरेशन कर सकूं" डॉक्टर ने कहा।
लड़के के पिता कहते हैं -"शांत हो जाऊं? अगर मेरे बेटे की जगह यहाँ आपका बेटा लेटा होता और मौत से जूझ रहा होता तो आप शांत हो जाते?"
डॉक्टर ने कहा- "मैं आपका दर्द समझ सकता हूँ,डॉक्टर किसी की उम्र नही बढ़ा सकते बस मरीज का इलाज कर सकते हैं।आप भगवान से प्राथना कीजिये कि आपके बेटे को कुछ नही हो हम हमारी तरफ से पूरी कोशिश करेंगे।"इतना कह कर डॉक्टर ऑपरेशन रूम में चले गए।
"जब तक खुद उस परिस्थिति से न गुजरे तब तक उसके बारे में उपदेश देना आसान है।"लड़के के पिता ने मन ही मन कहा।
कुछ घंटों बाद डॉक्टर ऑपरेशन रूम से बाहर आये और लड़के के पिता से कहा कि भगवान का शुक्र है कि आपके बेटे की जान बच गई।अब आपका बेटा खतरे से बाहर है।आपको कुछ भी पूछना है तो आप नर्स से पूछ सकते हैं।इतना कहकर डॉक्टर वहाँ से चले गए।
"कितने घमंडी डॉक्टर है!कुछ देर रुख नही सकते थे क्या मुझे अपने बेटे के स्वास्थ्य के बारे में पूछना है।" पास में खड़ी नर्स से लड़के के पिता ने कहा।
नर्स की आँखों में आँसू थे।नर्स ने कहा-"कल डॉक्टर के बेटे का निधन हो गया था।हमने जब आपके बेटे कब ऑपरेशन के लिए डॉक्टर को फोन किया था तब वे अपने बेटे के अंतिम संस्कार में थे और वे आपके बेटे की जान बचाने के लिए अपने बेटे के अंतिम संस्कार को बीच में छोड़ कर आ थे। अब लौटकर वे अपने बेटे के अंतिम संस्कार के कार्य को पूरा करने गए हैं।"

👉इसलिये दोस्तों हमें कभी भी किसी की परिस्थितियों को जाने बगैर उसे परखना नही चाहिये या सच जाने बगैर किसी को गलत नही कहना चाहिये।👈
तो दोस्तों कहानी कैसी लगी नीचे कमेंट करके जरूर बताना।
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