Sad hindi love story|मतलबी प्यार|Heart touching hindi love story

मतलबी प्यार|sad hindi love story|-

Sad love story in hindi,heart touching love story



दोस्तों इस short hindi love story के माध्यम से मैं आपको ये बताना चाहता हूँ कि प्यार करना कोई गलत बात नही है लेकिन प्यार अगर सिर्फ अपने मतलब के लिए किया
 जाए तो ये गलत बात है।दोस्तों ये कहानी भी इसी बात के सार(मतलबी प्यार) पर आधारित है।तो चलिए बढ़ते हैं कहानी की ओर-

 संध्या नाम की एक लड़की थी जो देख नही सकती थी वह खुदसे बहुत नफरत करती थी सिर्फ इसलिये की वह अंधी थी।उसके बहुत सारे सपने थे लेकिन आँखे न होने के कारण वह उन्हें पूरा नही कर सकती थी।
लेकिन सूरज नाम का एक लड़का था जो उस संध्या से प्यार करता था उसे इस बात से कोई फर्क नही पड़ता था कि सारी दुनिया क्या कहेगी कि वह एक अंधी लड़की से प्यार करता है।सूरज हमेशा से ही संध्या के साथ था।हर काम में उसकी मदद करता था,संध्या को भी सूरज से प्यार था।एक दिन सूरज ने संध्या से पूछा कि-"क्या तुम मुझसे शादी करोगी?"
संध्या ने कहा-"अगर मैं दुनिया देख सकुँ तो मैं तुमसे शादी करूँगी।" इस बात को सुन कर सूरज परेशानी में पड़ गया क्योंकि उसके पास इतने पैसे नहीं थे कि वह संध्या की आँखों का ऑपरेशन करवा सके।
एक दिन किसी ने उसे एक जोड़ी आँखें दान कीं।अब संध्या सब कुछ देख सकती थी।सूरज ने उससे पूछा कि "अब जब तुम दुनिया देख सकती हो तो क्या तुम मुझसे शादी करोगी?"
तब संध्या ये देख कर हैरान थी कि सूरज भी अंधा था।ये बात जान कर संध्या ने उससे शादी करने के लिये इनकार कर दिया।ये बात सुन कर तो जैसे सूरज के पैरों तले जमी ही खिसक गई थी।उसका दिल चूर-चूर हो गया था।सूरज चुप-चाप वहाँ से चला गया औऱ कुछ दिनों बाद सूरज ने संध्या को एक चिट्ठी लिखी जिसमे उसने बस इतना लिखा था की-"भले ही तुमने मेरे प्यार की कदर नही की कोई बात नहीं लेकिन मेरी आँखों की कदर करना,बस उनका ख्याल रखना।"
दोस्तों स्थिति बदलने पर व्यक्ति इस प्रकार बदलता है। केवल कुछ ही याद करते हैं कि जीवन पहले क्या था,और सबसे दर्दनाक स्थितियों में कौन उनके साथ था।जिस तरह संध्या ने,जब तक अंधी थी सिर्फ तब तक सूरज से प्यार किया और आँखे आने के बाद उसे अकेला छोड़ दिया इसी तरह दुनिया में कई ऐसे लोग होतें हैं जो सिर्फ मतलब के लिये प्यार करते हैं।अपना काम हो जाने पर अपना उल्लू सीधा कर लेते हैं।

जीवन एक उपहार है-
इससे पहले कि आप एक निर्दयी शब्द कहने की सोचें-
किसी ऐसे व्यक्ति के बारे में सोचें जो बोल नहीं सकता।

इससे पहले कि आप अपने भोजन के स्वाद के बारे में शिकायत करें-उस व्यक्ति के बारे में सोचिए जिसके पास खाने के लिए कुछ नहीं है।

इससे पहले कि आप अपने गंदे घर के बारे में बहस करें, किसी सफाई नहीं की-
उन लोगों के बारे में सोचिए जो गंदी बस्तियों में रह रहे हैं।

और जब आप थक जाते हैं और अपनी नौकरी के बारे में शिकायत करते हैं-
तब उन बेरोजगारों के बारे में सोचिये जो सालों से नौकरी की तलाश में भटक रहे हैं।

दोस्तों कहानी कैसी लगी कमेंट करके जरूर बताना और ऐसी ही और कहानियां नीचे दी गई हैं उन्हें भी जरूर पढ़ना-
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