short hindi moral story |अपने आप के प्रति ईमानदार| inspiring story with moral in hindi

अपने आप के प्रति ईमानदार| inspiring story with moral in hindi|-


Inspiring story with moral in hindi,short inspiring moral story

दोस्तों इस short hindi moral story के माध्यम से मैं आपको ये बताना चाहता हूँ कि हमारे इस फूल रूपी जीवन में काटें रूपी कठिनाइयाँ आती रहतीं हैं लेकिन सबसे ज्यादा जरूरी होता है कि हम उन कठिनाइयों का सामने कैसे करतें हैं झूठ और बेईमानी का सहारा लेकर या अपने और दूसरों के प्रति ईमानदार रहकर सच्चाई का साथ लेकर। ये कहानी भी इसी बात पर आधारित है तो चलिए बढ़ते हैं कहानी की ओर-

एक बार की बात है एक बहुत बड़ी company के CEO जल्द ही रिटायर होने वाले थे।उन्होंने उस company को बहुत ही मेहनत से इस मुकाम पर लाये थे।इसलिए वो चाहते थे की किसी काबिल व्यक्ति को ही अपना उत्तराधिकारी बनायें।
इसके लिए उन्होंने अपने company में काम करने वाले सभी होनहार युवाओं की एक मीटिंग बुलाई।उन्होंने उस मीटिंग में सभी को एक-एक गमला दिया और कहा- ”इन सभी गमलों में एक पौधे के एक-एक बीज हैं।इस गमले को आप लोग घर ले जाइये, इसकी देखभाल करें, इसमें पानी दे, नियमित धूप दे, और छः महीनों बाद जिसका भी पौधा सबसे अच्छा होगा।उसे company का भावी CEO नियुक्त किया जाएगा।
सभी कार्यकर्ता इस बात से बहुत खुश हुए, सभी को यकीन था की वो ही इस प्रतियोगिता में विजय होगे। इन्हीं में से एक काबिल नौजवान लड़की थी ‘आस्था’। उसे भी इसमें बड़ा interest आया और उसने भी इस चुनाव में सम्मिलित होने के लिये अपनी रुचि व्यक्त की।जैसे ही ऑफिस से छुट्टी हुई, वो रास्ते में एक छोटा प्यारा गमला ख़रीद लायी और घर ले गई।
उसने अपने पापा को भी सारी बात बताई और उसके पापा भी उसके साथ खुश हुए पर उन्होंने उसे ये भी सलाह दी की वो अपने काम पर भी पूरा ध्यान दे। इस बीज के साथ साथ, अपने office के हर कार्य को संपूर्ण लगन से करे।
कुछ दिन बीत गए,आस्था रोज गमले में पानी देती, उसका पूरा ध्यान रखती।पर उसमे से कुछ भी नहीं निकलता। 1 हफ्ता गुजरा, 2 हफ़्ते गुजरे, 1 महीना हो गया.. पर वो बीज अंकुरित नहीं हुआ।
आस्था बहुत उदास हुई। पर वो अपने काम में मन लगाये हुए थी..5 महीने बाद आस्था ने अपने एक स्कूल के दोस्त से शादी कर ली और अपने नए घर में अपना गमला भी लेकर आई। समय बीतता गया.. गमले में कुछ भी नहीं उगा.. आस्था को रोज गमले में पानी डालते देख, उसके पति ने भी उससे सवाल किया की आखिर ये है क्या?
तब उसने उसे सबकुछ बता दिया। उसने आस्था को परेशान न होने की सलाह दी और काम करते रहने को कहा..धीरे धीरे वो दिन भी आ गया जब सभी को company में अपने अपने पौधे लेकर आने थे। आस्था ने अपने पति से कहा की वो इस ख़ाली गमले के साथ company नहीं जा सकती, ऐसे तो उसकी बहुत बैज्ज़ती होगी। फिर उसके पति ने उसे समझाया की उसे ईमानदार रहना चाहिए,अपने प्रति भी और दूसरों के प्रति भी और जो परेशानी इसके सामने है उसका सामना करना चाहिए।
अपने पति की बात सुनकर आस्था का आत्मविश्वास बढ़ गया था और आस्था ख़ाली गमला लेकर company चली गयी।उसे इस तरह देख सभी ने उसका मजाक उड़ाया। तभी meeting start हो गयी, company के CEO ने सभी के हरे भरे गमले देख फक्र से कहा, “मुझे आप सभी पर गर्व है. आपने अपने पौधों का बहुत ही अच्छा ख्याल रखा है।”पर जैसे ही आस्था का गमला देखा.. उन्होंने उससे पूछा की आखिर उसका गमला ख़ाली क्यों है?
आस्था ने उन्हें सबकुछ सच सच बता दिया।CEO ने आस्था को छोड़ सभी को बैठने के लिए कहा और यह घोषित किया कि “आज से आपकी नयी CEO है आस्था शर्मा” सभी हैरान हो गए। “आखिर ये CEO कैसे बन सकती है? इसका तो पौधा उगा भी नहीं।” सभी ने सवाल उठाये।
तब वृद्ध CEO ने कहा- “दरअसल,छः महीने पहले मैंने आप सभी को जो गमले  दिए थे,उनमें बीज थे ही नहीं।उन गमलों में से पौधा ऊग ही नहीं  सकता था।केवल आस्था ने ही सच्चाई सामने रखी और इसीलिए यही CEO पद की असली हक़दार है।”
मैंने अपनी इस छोटी सी जिंदगी में बहुत सारे छोटे बड़े झूट बोले होगे। पर मैं सभी को स्वीकार भी करता हूँ कि “हाँ, मैंने ऐसा किया।” आप सभी को भी ऐसा करना चाहिए क्योंकि झूठ के पर्दे से बेहतर सच होता है।

दोस्तों आस्था चाहती तो वो भी बाकी सभी की तरह अपने गमले में भी पौधा लगा सकती थी लेकिन जिस तरह इस कहानी में आस्था ने अपने आप के प्रति ईमानदार रहते हुए सारी सच्चाई company के CEO को बताई उसी तरह हमें भी अपने आप के प्रति ईमानदार रह कर अपने जीवन में हर परेशानी का सामना करना चाहिए न कि बेइमानी और झूठ का सहारा लेकर।

तो दोस्तों आपको ये hindi moral story कैसी लगी नीचे comment करके जरूर बताना और नीचे दी गई कहानियों को भी अवश्य पढ़ें-
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